मोदी के बदलते अवतार से किसान घबराए।

19 नवंबर कि सुबह अचानक PMO ऑफिस से सूचना आया कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नाम संबोधन करेंगे उसके बाद पूरे देश का मीडिया उस पल का इंतजार कर रहा था सभी लोगों की नजरें न्यूज़ चैनल पर टिकी हुई थी किसी को भी अंदाजा नहीं था कि नरेंद्र मोदी इस अपने इस ऐलान से हैरान कर देंगे कि जैसे कि उन्होंने नोटबंदी अचानक खबर न्यूज़ चैनल पर कह दी मोदी जी के भाषण में बहुत ही सस्पेंस था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण देश से माफी मांग कर शुरू की भारत देशवासियों को चिंता होने लगी कि नरेंद्र मोदी जी से क्या गलती हो गई जो कि वह देश से माफी मांगने लगे हैं नरेंद्र मोदी जी के इस मासी को देखकर कुछ लोग तो भावुक भी हो गए हैं क्योंकि भाषण अक्सर लोगों को भावुक कर देता है।

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भाषण में क्या कहा नरेंद्र मोदी जी ने

अपने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भाषण देते हुए उन्होंने देश से माफी भी मांगी और लोगों को चिंता होने लगी कि नरेंद्र मोदी ने ऐसा क्या कर दिया कि वह देश से माफी मांग रहे हैं माफी मांगने की अगली लाइन के बाद थी तीनों कृषि कानून को सरकार वापस लेती है वहां पर कुछ लोगों को अपने कानों पर विश्वास ही नहीं हुआ क्योंकि यह लाइन कुछ ऐसी थी जैसे कि वक्त बदल गया हो लोगों के जज्बात बदल गए हो मोदी जी ने कहा आज मैं आप लोगों को और पूरे देश को यह बताने आया हूं हमने तीन कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया है अरे हम लोग यह क्या सुन रहे हैं ऐसा क्या हुआ कि जो टीवी पर आंदोलन किसानों को आतंकवादी जैसा कहा गया ऐसा क्या हुआ कि सरकार को उनकी बातें माननी पड़ी।

PM Modi
PM Modi

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा

आप लोगों को बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला लिया है इससे किसानों ने राहत की सांस ली है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसान के धरना कब खत्म होगा किसान नेता राकेश टिकैत ने 1 न्यूज़ चैनल पर बात करते हुए कहा कि सरकारी टीवी से घोषणा हुई है अगर कल बातचीत करनी पड़े तो किससे करेंगे प्रधानमंत्री को इतना मीठा भी नहीं होना चाहिए।

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750 किसान शहीद हो चुके हैं तथा साथ में 10000 मुकदमें भी चल रहे हैं बगैर बातचीत के कैसे चेले जाएं प्रधानमंत्री ने इतनी मीठी भाषा का उपयोग किया कि शहद को भी फेल कर दिया हलवाई को ततैया भी नहीं काटता वह ऐसे ही मक्खियों को उड़ाता रहता है राकेश टिकैत ने एक आगे कहते हुए कहा कि जो मीठी भाषा का इस्तेमाल हो रहा है वह बातचीत में डाल दो।

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